आखिर क्या है UFM RULE ? जिसके चलते SSC CHSL परीक्षा में उच्च अंक लाने वाले परीक्षार्थी नहीं हो पाए सफल

By Vikash Suyal | General knowledge | Apr 06, 2020
Thousands of candidates are not able to succeed due to UFM rule despite bringing good numbers in SSC CHSL Tier 2 exam. Many candidates do well in Tier 2 exam after scoring excellently in Tier 1 exam.

UFM means - Unfair Means


हज़ारो उम्मीदवार SSC CHSL टियर 2 की परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के बावजूद भी UFM रूल के चलते सफल नहीं हो पाते हैं। कई परीक्षार्थी टियर 1 परीक्षा में शानदार स्कोर करने के पश्चात टियर 2 परीक्षा में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं किन्तु फिर भी UFM रूल के चलते सफल नहीं हो पाते। तो जानते है आखिर यह UFM  क्या है

UFM क्या है? what is UFM Rule?


1-यदि उम्मीदवार  SSC की UFM की गाइडलाइन्स का पालन न  करके अपना स्थानीय पता (Address) या अपनी कोई भी निजी जानकारी लेटर में मेंशन करते हैं तो इस स्थिति  मे उम्मीदवारों को शून्य दे दिया जाता है।

2-यदि परीक्षा को देने वाला परीक्षार्थी अपनी उत्तर पत्रिका मे किसी भी जगह अपना नाम लिखता है या फिर जानबूझकर /गलती से अपने अध्यापक / कक्ष अध्यापक के कॉलम में अपने हस्ताक्षर(Signature) कर देता है तो ऐसे मे  या तो परीक्षार्थी की उत्तर पत्रिका (Answer Sheet)को जांचा नहीं जाता है या फिर शून्य दे दिया जाता है।

3-किसी भी तरह की जानकारी पेपर के बाहर लिखने की स्थिति पर भी परीक्षार्थी को शून्य दिया जाता है।

4-परीक्षार्थी या उम्मीदवार को अपनी उत्तर पत्रिका (Answer Sheet )मे किसी भी तरह का असली या काल्पनिक फोन नंबर या एड्रेस लिखने का अधिकार नहीं है।

5-अपनी उत्तर पत्रिका (Answer Sheet)मे किसी भी तरह का रफ़ कार्य करने पर शून्य प्रदान किया जाता है।

6-यदि परीक्षा मे उम्मीदवार निबंध लिखते समय 10 फीसदी भी वर्ड लिमिट क्रॉस (Word Limit Cross)करता है तो उम्मीदवार के नंबर काट दिए जाते हैं।

 

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