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Yoga :स्वस्तिकासन योग लाभ सावधानी और विधि

By Pooja | Yoga | Jun 06, 2020

स्वस्तिकासन योग विधि, लाभ और सावधानी (Process , Benefits and precautions)


योग हमारे जीवन प्रणाली का एक अभिन्न हिस्सा होना चाहिए ,योग के माध्यम से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है ,मानसिक शांति प्राप्त होती है और एक स्वच्छ और विकसित शरीर की प्राप्ति होती है। हमारी संस्कृति मे योग का बहुत महत्व है। आज हम आपको ऐसे योग के विषय मे बताने जा रहे हैं जो शरीर को मानसिक और शारीरिक परेशानियों से बचाता है। यह आसन है -स्वस्तिकासन (Swastikasan)

स्वस्तिक का शाब्दिक अर्थ(Meaning) है -शुभ। यह आसन सभी आसनों में सबसे महत्वपूर्ण आसन है।तो चलिए जानते हैं स्वस्तिकासन की योग विधि, लाभ और सावधानी के विषय मे।

स्वस्तिकासन विधि (Swasthikasan Process)



  • सर्वप्रथम हवादार जगह मे जाकर योग मैट(Yog-mat) बिछाएं।

  • अपने पांव आगे फैलाकर जमीन(Floor) पर बैठ जाएं।

  • अब अपने बाएं (Left )पैर को भीतरी दाईं जांघ पर टिकाएं और दाहिने (Right)पांव को भीतरी बाईं जांघ पर टिकाएं।

  • रीढ़ (Spine)की हड्डी को सीधा रखें।

  • ध्यान(DhyanMudra) की मुद्रा मे बैठ जाएं।

  • आपके घुटने जमीन से स्पंर्श(Touch) करते रहने चाहिए ।

  • आपका का संपूर्ण शरीर, कमर तथा पीठ एक सीध(Straight) में होनी चाहिए।


स्वस्तिकासन के लाभ (Benefits)



  • स्वस्तिकासन (Swasthikasan)जीवन को आनंदमय बनाता है।

  • स्वस्तिकासन (Swasthikasan)ध्यान के लिए एक बहुत ही उत्तम योगाभ्यास है।

  • स्वस्तिकासन(Swasthikasan) से तनाव एवं चिंता में बहुत सकारत्मक प्रभाव पड़ता है।

  • यदि आपको बहुत पसीना (Sweat)आता है तो यह आसन बहुत लाभकारी होता है।

  • सर्दियों में जिनके पैर बहुत ठंडे रहते है उसके लिए यह योगाभ्यास (Yoga)लाभकारी है।

  • स्वस्तिकासन (Swasthikasan)वायुरोग को दूर करता है।

  • पसीने के कारण पैरों में बदबू (Smell)आ ती हो तो इसका अभ्यास प्रतिदिन करें।

  • मानसिक एकाग्रता (Mental Concentration)बढ़ाने के लिए इस योग का अभ्यास जरूर करें।

  • यह लैंगिक(Sexual Problems) रोगों को दूर करने में सहायक है।

  • यह कमर दर्द(Backpain) कम करने में भी सहायक है।

  • नित्य अभ्यास से सोचने एवम समझने(Consider) की शक्ति बढ़ जाती है।


स्वस्तिकासन के सावधानी(Precautions)



  • साइटिका (Cytica)से पीड़ित व्यक्ति को स्वस्तिकासन का अभ्यास नहीं करनी चाहिए।

  • रीढ़ (Spine Problem)से सम्बंधित परेशानी होने पर स्वस्तिकासन का अभ्यास न करें|

  • स्वस्तिकासन उनको नहीं करनी चाहिए जिनके घुटने(Knee pain) में दर्द हो।

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