Chemistry General Knowledge Questions and Answers in Hindi

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Chemistry GK Question and Answer

प्रमुख कार्बनिक यौगिक व उनके उपयोग

Major organic compounds and their uses

यूरिया (Urea) : यूरिया(Urea) पहला कार्बनिक यौगिक (Organic compounds) है जो प्रयोगशाला (Laboratory) में बनाया गया था। इसका निर्माण “वोल्हर ” (Wolher) ने किया था। यह एक ठोस ,रंगहीन(Colourless) गंधहीन(Odorless) पदार्थ है तथा जल में विलेय है। यूरिया(Urea) जीव -जन्तुओं के मूत्र में उपस्थित रहती है ,इसे कॉस्टिक सोडा (Caustic soda) के साथ गर्म करने पर अमोनिया गैस (Ammonia gas) प्राप्त होती है।

उपयोग (Use ) – यूरिया (Urea) का मुख्य उपयोग उर्वरक(Fertilizer) के रूप में है ,इसके अलावा नाइट्रोजन गैस(nitrogen gas) ,बैरोनल (Baronal) दवा बनाने ,व यूरिया(Urea) प्लास्टिक बनाने में भी इसका उपयोग किया जाता है।

ईथर ( Ether) – ईथर(Ether) रंगहीन(Colourless) व सुगंधित द्रव(Liquid) है यह अत्यधिक वाष्पशील (Volatile) होता है तथा इसकी वाष्प(Vapor) अधिक मात्रा में सूघने पर मूर्छा जाती है यह एल्कोहल (Alcohol) में विलेय(Solute) होता है। ईथर(Ether) की वाष्प हवा के साथ मिलकर विस्फोटक करती है।

उपयोग (Use)  – ईथर(Ether) का उपयोग निश्चेतक के रूप में वसा(Acid) तेल आदि के विलाय(Solvent) के रूप में ठण्डक पैदा करने हेतु ,एल्कोहल(Alcohol) आदि बनाने में किया जाता है

एथिल एल्कोहल (Ethyl alcohol) एथिल एल्कोहल(Ethyl alcohol) एक रंगहीन द्रव(Colourless liquid) है तथा अत्यधिक ज्वलनशील(Flammable) होता है। इसे पीने से शरीर में उत्तेजना उत्पन्न होती है। इसलिये एथिल एल्कोहल (Ethyl alcohol) को मादक द्रव( Intoxicants) (शराब ) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है ,एथिल एल्कोहल (Ethyl alcohol) फलों व स्टार्चयुक्त अनाजों (जो आदि ) में पाया जाता है। औद्योगिक विधि (Industrial law) में इसे किण्वन (Fermentation) विधि से बनाया जाता है।

 

उपयोग (Use) – एथिल एल्कोहल(Ethyl Alcohol) का प्रयोग शर्करा(Sugars) ,सिरका (vinegar)व शराब( Alcohol) बनाने में ,मोटर व हवाई जहाज में ईंधन(Fuel) के रूप में ,पारदर्शक साबुन(Transparent soap) बनाने में इत्र व अन्य सुगन्धित पदार्थ बनाने में तथा विलायक(Solvent) के रूप में किया जाता है।

मेथिल एल्कोहल (Methyl alcohol) –  मेथिल एल्कोहल (Methyl alcohol) को सर्वप्रथम लड़की के भंजक आसवन(Bhunking distillation) द्धारा बनाया था। यह लौंग(Clove) के तेल व कई फलों में पाया जाता है। मेथिल एल्कोहल(Methyl alcohol) एक विषैला द्रव (Toxic fluid) है तथा इसकी गंध शराब की तरह होती है। इसे पीने से आदमी अंधा हो जाता है व अधिक मात्रा में पि लेने से मृत्यु तक हो जाती है। इसे एथिल अल्कोहल(Ethyl Alcohol)  के साथ मिलाकर पीने के योग्य बनाया जाता है इसलिये आजकल देश के विभिन्न भागों में शराब पीने वालों की अधिकांशतः मृत्यु मैथिल अल्कोहल(Ethyl Alcohol)  के ही कारण हो रही है।

उपयोग (Use)  – मैथिल अल्कोहल(Ethyl Alcohol)  जा उपयोग पेट्रोल के साथ मिलकर ईंधन के रूप में कृत्रिम रंग(Artificial colors) बनाने में तथा वार्निश(Varnish) आदि के विलायक(Solvent) के रूप में किया जाता है।

ग्लूकोज (Glucose) इसे ” अंगूर का शक़्कर ” (Grape sugar) भी कहते है। यह अंगूरों(Grapes) ,मीठे फलों व मूत्र में पाया जाता है। यह अल्कोहल(Alcohol) में विलेय व स्वाद  होता है। यह चाँदी के लक्षण अमोनियम सिल्वर नाइट्रेट( Ammonium silver nitrate) के साथ क्रिया करके चाँदी की तरह सफ़ेद परत बनाता है जिसे “चाँदी का दर्पण “( Silver mirror) कहते है।

उपयोग (Use)  – ग्लूकोज(Glucose) का उपयोग शराब बनाने में ,फलों को  सुरक्षित रखने  में औषधि(Medicine) के रूप में तथा शक्तिवर्धक(Power surge) के रूप में किया जाता है।

फिनॉल (Phenol) फिनॉल(Phenol)  एक विषैला(Toxic) ,रंगहीन(Colourless) ,तीक्ष्ण (Acute) गंध वाला पदार्थ है। यह ब्रोमीन(Bromine) के साथ मिलाने पर सफ़ेद रंग का अवक्षेप(Precipitate) देता है।

उपयोग (Use) – फिनाल (Phenol) का मुख्य उपयोग जीवाणुनाशक (Bactericidal)के रूप में किया जाता है।  विस्फोटक ” पिकरिक अम्ल ” (Pickric acid) विभिन्न रंग ,एस्प्रिन(Aspirin) ,सैलोज (Saloj), आदि दवायेँ बनाने में व संश्लेषित (synthetic ) रेजिन बनाने में भी फिनाल का प्रयोग किया जाता है।

 

एनिलीन(Enelyn) यह तेल के समान द्रव है जोकि अत्यंत विषैला(Toxic) होता है। अल्कोहल(Alchol) ,ईथर(Ether) आदि में यह विलेय(Solute) परन्तु जल में अविलेय(Invincible) होता है।

ग्लिसरीन (Glycerin ) ग्लिसरीन(Glycerin ) रंगहीन ,गाढ़ा व स्वाद में मीठा द्रव है।  यह जल में विलेय होता है। ग्लिसरीन(Glycerin ) नाइट्रो सेलुलोस(Nitro cellulose) के साथ क्रिया करके अत्यंत विस्फोट पदार्थ जिलेटन(Gillton) बनाता है।

उपयोग (Use) ग्लिसरीन (Glycerin) का मुख्य उपयोग विस्फोटक पदार्थ “डायनामाइट ” (“Dynamite”) बनाने  जाता है। इसके अतिरिक्त यह पॉलिश(Polish) ,स्याही(Ink) ,कलपुर्जों को चिकना करने ,पारदर्शी साबुन(Transparent Soap) बनाने व फलों के संरक्षण के काम में भी आता है।

एथिलीन(Ethylene) एथिलीन(Ethylene) ,कोल व पेट्रोलियम(Coal& Petrolieum) गैसों के साथ पायी जाती है। इसके सूंघने पर व्यक्ति मूर्छित हो जाता है यह ईथर(Ether) ,अल्कोहल(Alchol) आदि में विलेय है। एथिलीन सल्फरमोनोक्लोराइड (Ethylene sulfur monocloride) से क्रिया करके एक विषैला द्रव(Toxic fluid) ” डाइक्लोरोएथिल डाइसल्फाइड “( Dichloroethyl disulfide) (मस्टर्ड गैस)( mustard gas) बनाती है।  मस्टर्ड गैस(mustard gas) अत्यंत विषैली गैस(Toxic Gas) है ,व इसके सम्पर्क में आने से व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

उपयोग (Use) एथिलीन बहुलीकरण(Ethylene multiplication) की क्रिया द्धारा “प्लास्टिक ” (

“Plastic) बनाती है। एथिलीन(Ethylene Gas) गैस का उपयोग मुख्य रूप से कच्चे फलों को पकाने में किया जाता है।

एसेटिलीन (Acetylene) यह एक अत्यंत क्रियाशील(Extremely Active) गैस है ,जो स्वतन्त्र अवस्था में बहुत कम पायी जाती है ,औद्योगिक रूप में एसिटिलीन(Acetylene) गैस कैल्सियम कार्बडाईट (CalciumCarbodite) पर जल की क्रिया से बनायीं जाती है।

उपयोग(Use) एसिटिलीन(Acetylene Gas) गैस का उपयोग मुख्यतः कपूर बनाने ,प्रकाश उत्पन्न (Light generated ) करने ,कृत्रिम रबर बनाने ,वेल्डिंग  करने , रेशमी कपडे बनाने ,एसिटिक अम्ल(Acitic Acid) आदि बनाने में किया जाता है। यह गोदाम में फलों को पकाने के काम आती है।

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