General Knowledge : 16 September (Ozone Diwas) # ओजोन दिवस

ओजोन दिवस (Ozone Day)
सम्पूर्ण विश्व में 16 सितम्बर को विश्व ओज़ोन दिवस(World Ozone day) या ‘ओज़ोन परत संरक्षण दिवस’ मनाया जाता है। इस वर्ष 2020 के विश्व ओजोन दिवस (Worls Ozone day)का प्रमुख विषय है- “ओजोन परत संरक्षण के 35 वर्ष”
History of World Ozone Day (विश्व ओज़ोन दिवस का इतिहास)
संयुक्त राष्ट्र संघ ने 23 जनवरी, 1995 को आम सभा में सम्पूर्ण विश्व में ओजोन परत (Ozone Plate)संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए 16 सितम्बर को अंतरराष्ट्रीय ओज़ोन दिवस(Universal Ozone Diwas) के रूप में मनाने के प्रस्ताव को पारित किया गया था । जिस समय यह प्रस्ताव रखा गया था उस समय यह लक्ष्य रखा गया कि सम्पूर्ण विश्व में 2010 तक ओज़ोन (Ozone)मित्र वातावरण का निर्माण किया जाए।
किन्तु दुर्भाग्यवश यह लक्ष्य 2010 तक भी प्राप्त नही किया जा सका है। ओज़ोन परत(Ozone Plate ) के संरक्षण की दिशा में सम्पूर्ण विश्व ने कई उल्लेखनीय कार्यो को किया है। ओज़ोन परत के संरक्षण को ध्यान मे रखते हुए विभिन्न प्रकार के ओज़ोन फ्रेंडली(Ozone Friendly) फ्रिज, कूलर आदि बाजारों मे आ गए हैं।
ओजोन किसे कहते है?What is ozone called ?
ओजोन (ozone)हमारे वातावरण मे पाए जाने वाली एक हल्के नीले रंग की गैस होती है। ओजोन की परत(Ozone Plate) पृथ्वी से 10 किलोमीटर से 50 किलोमीटर की ऊंचाई के मध्य पाई जाती है। ओजोन गैस (Ozone Gas)सूरज से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों (UltraViolate)के लिए एक अच्छे फिल्टर की तरह कार्य करती है । ओज़ोन का निर्माण ऑक्सीजन(Oxygen) के तीन परमाणुओं से मिलकर हुआ है यह गैस वातावरण(Environment) में बहुत कम मात्रा में पाई जाती है। इसकी सघनता 10 लाख में 10वां हिस्सा है। यह गैस प्राकृतिक (Natural)रूप से बनती है।
ओज़ोन परत क्या है?What is the ozone layer?
पृथ्वी के धरातल से 20-30 किमी की ऊंचाई पर वायुमण्डल(Environment) के समताप मंडल क्षेत्र में ओज़ोन गैस का एक झीना सा आवरण है इसी को ओज़ोन परत(Ozone Layer) कहते हैं । ओज़ोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी (earth)पर आने से रोकती है। यदि सूर्य की तरफ से आने वाली सभी पराबैगनी किरणें पृथ्वी (Earth)पर पहुँच जाती तो पृथ्वी पर सभी प्राणी रोग(Cancer) से पीड़ित हो जाते। सभी पेड़ पौधे नष्ट हो जाते। इसीलिए ओजोन मण्डल (Ozone Mandal)या ओजोन परत को सुरक्षा कवच कहते हैं।
ओजोन क्षरण के प्रभाव Effects of ozone depletion
- यह त्वचा-कैंसर(Skin Cancer) की दर बढ़ाकर त्वचा को रूखा, झुर्रियों भरा और असमय बूढ़ा भी कर सकता है। यह मनुष्य तथा जंतुओं में नेत्र-विकार(Eyes - Problems ) विशेष कर मोतियाबिंद को बढ़ा सकती है। यह मनुष्य तथा जंतुओं की रोगों की लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता को कम कर सकता है।
- पराबैंगनी विकिरण वृद्धि पत्तियों (Leaves)का आकार छोटा कर सकती है अंकुरण का समय बढ़ा सकती हैं। यह मक्का, चावल, सोयाबीन, मटर गेहूं, जैसी crops से प्राप्त अनाज की मात्रा कम कर सकती है।
- पराबैंगनी किरणों (Ultraviolet)के समुद्र सतह के भीतर तक प्रवेश कर जाने से सूक्ष्म जलीय पौधे (फाइटोप्लैकटॉन्स) की वृद्धि धीमी हो सकती है। ये छोटे तैरने वाले उत्पादक समुद्र तथा गीली भूमि की खाद्य-शृंखलाओं(Food Chain) की प्रथम कड़ी हैं, साथ ही ये वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड (Co2)को दूर करने में भी योगदान देते हैं। इससे स्थलीय खाद्य-शृंखला भी प्रभावित होगी।
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