उत्तराखंड के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks of Uttarakhand)

उत्तराखंड के राष्ट्रीय उद्यान (National Parks of Uttarakhand)

आज हम (educationmasters)आपके लिए लाए है उत्तराखंड के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों के नाम और उनकी स्थिति की जानकारी। अधिकांश तय उत्तराखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं मे इसके विषय मे पूछ लिया जाता है। आशा है की हमारा यह लेख आपको उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षाओं मे सफल बनाने के लिए मदद करेगा।

1-जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (Jim Corbett National Park)

नैनीताल मे स्थित जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान(National Park) की स्थापना सन 1936 (सर हेली) द्वारा की गई। यह राष्ट्रीय उद्यान 520.82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल मे विस्तारित है। कॉर्बेट राष्ट्रीय (Corbett)उद्यान भारत का ही नहीं अपितु  एशिया (Asia)का पहला राष्ट्रीय उद्यान है।1947 के बाद इस राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर रामगंगा नेशनल पार्क(Ram Ganga National Park) रखा गया था। वर्ष 1957 मे इसके नाम को पुनः बदल दिया गया और महान प्रकृति प्रेमी जिम कॉर्बेट(Jim Corbett) की स्मृति में इसका नाम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान कर दिया गया।जिम कॉर्बेट पार्क में प्रवेश के लिए नैनीताल (Nainital)जनपद के ढीकाला में एक प्रवेश द्वार बनाया गया है। यह प्रवेश द्वार  नैनीताल जिला मुख्यालय से 144 किलोमीटर दूर है। इसे भारत का पहला बाघ संरक्षण(Tiger Reserved) पार्क 1 नवंबर 1973 को घोषित किया गया। इस पार्क में लगभग 570 पक्षी प्रजातियां, 25 सरीसृप की प्रजातियां, व 75 स्तनधारी जीव पाए जाते हैं।

2- नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान (Nanda Devi National Park)

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान (Nanda Devi National Park)की स्थापना 1982 मे हुई। यह पार्क चमोली (Chamoli)जिले में स्थित है और 624 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मे विस्तारित है। यह उद्यान  5431 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान(Nanda Devi) मे हिमालयन भालू, स्नैलैपईस,  मस्त डियर, मोनाल, कस्तूरी मृग, भरल आदि पशु-पक्षियों की अधिकता है। इसका कार्यालय जोशीमठ में है।

3-गोविंद राष्ट्रीय उद्यान (Govind National Park)

गोविंद राष्ट्रीय उद्यान (Govind National Park)की स्थापना 1980 मे उत्तराखंड के उत्तरकाशी (Uttarkashi)जिले मे हुई। इसका क्षेत्रफल  472 वर्ग किलोमीटर है।

4- फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Valley of Flowers National Park)

फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान(Valley of flowers) की स्थापना 1982 मे चमोली(Chamoli) जनपद में हुई। इस घाटी की खोज 1931 मे फ्रेंक स्माइथ(Frank Smith) ने की। यह उद्यान 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मे विस्तारित है। यह उद्यान समुद्र तल से 3600 मीटर की ऊंचाई पर नर और गंध मादन पर्वतों के बीच स्थित है ।इस क्षेत्र मे कामेत (Kamet)पर्वत से निकलती हुई पुष्पावती नदी (Pushpawati River)बहती है। यहाँ का मुख्य आकर्षण का केंद्र हजारों किस्म की पुष्प और दुर्लभ जंतु है।इसका प्रधान कार्यालय जोशीमठ है।

5-राजाजी राष्ट्रीय उद्यान (Rajaji National Park)

राजाजी राष्ट्रीय उद्यान(Rajaji National Park) की स्थापना 1983 मे हुई। यह उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार व पौड़ी गढ़वाल तक विस्तारित है। इसका सम्पूर्ण क्षेत्रफल 820.42 वर्ग किलोमीटर है।इस पार्क में 23 प्रकार के स्तनधारी वन्य प्राणी एवं 313 प्रकार के पक्षी (birds)पाए जाते हैं। यहां अनेक  प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती है जिनमे  साल, खैर, शीशम, झिंगन, खरपट, बालकी, सैन, चीड़, सिरस, रोहणी  आदि प्रमुख है।इसका मुख्यालय देहरादून(Dehradun) में स्थित है।

6-गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान (Gangotri National Park)

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान(Gangotri National Park) की स्थापना 1989 मे हुई। यह उत्तरकाशी (Uttarkashi)जनपद मे स्थित है। इसका क्षेत्रफल 2390 वर्ग किलोमीटर है। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में मुख्य वन्य-जीवों में हिम तेंदुआ, हिमालयन भालू, कस्तूरी मृग, भरल और प्रमुख पक्षियों में मोनाल, कोकलास, ट्रेगोपान आदि है।

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