Geography Model Question & Answer For Ukpcs-UKPSC Mains Exams

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Most important Geography question always ask in PCS mains exam posted by  Vyas IAS Academy  Dehradun Topics  

प्रश्न -1  वर्षण (Precipitation) क्या है इसके प्रकार बताइये ?

उत्तर   संघनित जलवाष्प (Condensed Water Vapor) का जल को बुंदों व हिमकणों (Snowflakes) के रूप में पृथ्वी पर गिरना वर्षण (Precipitation) कहलाता है।

वर्षण मुख्यतः 4 प्रकार के होते है जैसे :-

  1. हिमपात  (Snow)
  2. संघिम वृष्टि (Union time)
  3. ओला दृष्टि (Ogle Vision)
  4. वर्षा    (Rain)

प्रश्न -2  ओलावृष्टि (Hailstorm) के होने के लिये मुख्य कारणों को बताइये ?

उत्तर   वृष्टि मुख्यतः  कपासी मेघों द्धारा है यह वृष्टि उन क्षेत्रों में होती है जहाँ ताप अधिक तथा लगातार बढ़ने वाला है। इन क्षेत्रों में ताप अधिक होने के कारण ऊर्ध्वाधर पवने (Vertical winds) चलती है जो जलवाष्प (water Vapour) को अपने साथ बार -2 धमेल कर हिमांक बिन्दु (Freezing point ) वाले वायुमंडलीय क्षेत्रों (Atmospheric areas) में ले जाती हे जहाँ जलवाष्प तापमान (Water vapor temperature) हिमांक से कम होने के कारण ओलों (Hail) में बदल जाती है और ओला वृष्टि के रूप में पृथ्वी पर गिरते है। ओलावृष्टि में संवहनीय धाराओं (Vascular currents) की भी महत्वपूर्ण भमिका होती है।

प्रश्न -3  वर्षा क्या है। इसके प्रकारों का उल्लेख करों ?

उत्तर   क्षोभमण्डल (Troposphere) में संघनित जलवाष्प (Condensed water vapor) का तापमान ओसांक (Dew) से कम तथा हिमांक(Freezing Point) से ऊपर होता है तो यह जलवाष्प जलीय बुंदो के रूप में पृथ्वी पर लगातार गिरने लगती है जिसे वर्षा कहा जाता है क्योंकि उपरोक्त तापमान पर बादलों में आर्द्रता / जलवाष्प इतनी बढ़ जाती है की बादल इसे रोक नहीं पाते है और वर्षा के रूप में नीचे गिरा देते है वर्षा सामन्यत: 3 तीन प्रकार की होती है

  1. संवहनीय वर्षा (Cascular Rainfall)
  2. पर्वतीय वर्षा ( Mountain Rains )
  3. चक्रवाती वर्षा (Cyclonic Rain)

प्रश्न  – 4  संवहनीय वर्षा (Vascular Rain) को  समझाइये ?

उत्तर   जब भूतल(Ground floor) गर्म होता है। तो उसके सम्पर्क में आने वाली आर्द्र हवायें गर्म होकर ऊपर उठती है और गर्म हवाओं के स्थान पर ऊपर से ठण्डी हवायें नीचे आ जाती है जिसे संवहन प्रक्रिया कहते है। इस प्रक्रिया से ऊपर उठी गर्म व आर्द्र हवायें क्षोभमंडल में पहुँचकर तापमान की कमी के कारण संतृप्त हो जाती है और संघनन प्रक्रिया (Compaction Process) शुरू हो जाती है जिससे काले वर्षा -मेघों का निर्माण होता है और घनघोर वर्षा होती है जिसे संवहनीय वर्षा (Vascular Rain) कहते है

यह वर्षा डोलड्रम पेटी (Doldrum Belt) में होती है और इन क्षेत्रों में उच्च तापमान व आर्द्रता के कारण दोपहर 2 -3 बजे के बीच घनघोर बादल छा जाते है और घनघोर वर्षा के बाद 4 बजे सांय तक वर्षा रुक जाती है जिन क्षेत्रों में यह वर्षा होती है उन क्षेत्रों में जैव विविधता अधिक पायी जाती है।

 

प्रश्न – 5  पर्वतीय वर्षा (Mountainous Rain) की उल्लेख करो ?

उत्तर    जलवाष्प की अधिकता वाली वायु जब किसी पर्वत या पठार के ढाल के साथ ऊपर की और चढ़ती है तो ऊँचाई के साथ तापमान में कमी के कारण संतृप्त कोटि (Saturated Range) जाती है और संघनन प्रक्रिया (Compaction Process) द्धारा इस वायु में उपस्थित जलवाष्प से बादलों का निर्माण होता है और वर्षा होती है इस वर्षा को  ” पर्वतीय वर्षा ” कहते है । यह वर्षा पर्वतों / पठार के पावनाभिमुखी ढालों पर ही होती है जबकि पवननाभिमुखी क्षेत्र शुष्क वायु (Wind Direction Area Dry air) के कारण वर्षा से वंचित रह जाते है जिन्हें वृष्टि छाया प्रदेश कहा जाता है।

भारत के पश्चिमी घाट (Western Ghats) पर महाबलेश्वर व पुणे इसके उदहारण है तथा विश्व अधिकता जगहों पर पर्वतीय वर्षा से ही वर्षा होती है।

प्रश्न – 6   तड़ित झंझा (Thunderstorm) व वर्षा विस्फोट (Rain Explosion) में क्या अन्तर है ?

उत्तर   ऐसा स्थानीय तुफान (Local storm) जिसमें की चमक व तीव्र गरजना के साथ वर्षा होती है तड़ित झंझा (Thunderstorm) कहलाती जबकि एक समिति क्षेत्र में बहुत कम समय में अचानक 100 mm /hr की दर से तुफानी वर्षा होती है तो इसे वर्षा विस्फोट कहते है इसमें कुछ ही मिनटों में 200 cm तक वर्षा हो जाती है।

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