Login

Yoga : हलासन करने की विधि , लाभ और सावधानी

By Pooja | Yoga | May 24, 2020
आज हम आपको योग के हलासन(Halasana) के बारे में बताएंगे। इस योग का नाम हलासन(Halasana) इसलिए पड़ा चूँकि हलासन की आखिरी  मुद्रा में हमारा शरीर बिल्कुल  एक भारतीय हल(Indian Plow) के जैसा दिखाई पड़ता है। हलासन बहुत ही लाभदायक(Useful) आसन होता है।

हलासन करने की विधि  Halasana Mathod




  • इस योगासन(Yogasan) को करने के लिए सर्वप्रथम खुले स्थान पर एक स्वच्छ आसन बिछा लें।

  • आसन(Halasana) मे पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को अपने जांघो के समीप टिका लें।

  • अब धीरे धीरे (Slowly)बिना मोड़े अपने पांवों को 30 डिग्री पर, फिर 60 डिग्री पर और उसके बाद 90 डिग्री पर उठाएं।

  • धीरे धीरे अपनी सांसो को छोड़ते हुए पैरो और पीठ को ऊपर उठाते हुए सिर (Head)के पीछे तक लेकर जाएं और अपने पैरो की अंगुलियों को जमीन (floor)पर छुवाये।

  • इस समय शरीर एक हल (Indian plow)के भांति दिखने लगता है। यह हलासन योगासन है।

  • धीरे धीरे सांस(Breathe) को लेते हुए और धीरे धीरे सांस को छोड़े।

  • जहाँ तक संभव हो वहीँ तक आसन को करें। जोरजबरदस्ती अपने शरीर के साथ न करे।

  • फिर धीरे धीरे अपनी मूल अवस्था(Primary Stage) में आ जाए।


हलासन के लाभ । Halasana benefits


(1 ) इस आसन के नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी(Belly Fat) को आसानी से कम किया जा सकता है ।

(2 ) इस आसन के अभ्यास से खून का संचार(Blood circulation) सिर के क्षेत्र में अधिक  होने लगता है जो बालों के सेहत के लिए सर्वोत्तम  है।

(3 ) हलासन को रोज़ाना करने से आपके चेहरे में निखार(Glowing face) बढ़ता है।

(4 )यह योगासन  थायरॉइड (Thyroid) और थायरॉइड  ग्रंथि के लिए बहुत ही सर्वोत्तम योगाभ्यास है।

(5 ) यह अपच और कब्ज(Constipation) में बहुत लाभकारी है।

(6 ) यह मधुमेह(Sugar Patient) के लिए रामबाण  है।

(7 )यह  बवासीर(Piles Patient) के रोगियों के लिए एक अच्छा  उपचार है ।

(8 ) यह  गले के विकारों (Throat Disorders)से बचाता है।

(9 )  सिर दर्द(Headache) से ग्रसित रोगियों को  इस योग का अभ्यास करनी चाहिए।

हलासन सावधानी । Halasana precaution



  • यह आसन उनके लिए वर्जित है जिनको सर्वाइकल स्पॉण्डिलाइटिस(Cervical Spondylitis) हो।

  • रीढ़ (Spine)में अकड़न होने पर इसको नहीं करना चाहिए ।

  • इस आसन को उच्च रक्तचाप(High Bp Patient) में नहीं करना चाहिए।

  • कमर में दर्द (Back pain)होने पर इस आसन को न करें।

  • इस आसन को चक्कर आने (Feeling Dizzy)पर न करें।

  • गर्भावस्था एवं माहवारी(Pregnancy or Menstrual) में इस योग को न करे ।

  • ह्रदय रोग(Heart Patient) से पीड़ित व्यक्ति इसे न करें।


 

 

Share this Post

(इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले)

Posts in Other Categories

Get Latest Update(like G.K, Latest Job, Exam Alert, Study Material, Previous year papers etc) on your Email and Whatsapp