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पठार  (Plateaus )

पठार  भूमि के उस ऊँचे उठे हुए भाग को कहते है ,जो ऊपर जाकर समतल हो जाता है। इसके किनारे पर तीव्र ढाल पाया जाता है। इसकी औसत ऊँचाई सामान्यतः 200 मीटर होती है। पठारों की उत्पत्ति में सामान्यत रूप में निम्नलिखित क्रियाएं प्रभावी होती है –

  1. भू – गर्भिक हलचलें ,जिनके कारण कोई समस्त भू – भाग अपने समीपवर्ती धरातल से ऊपर उठ जाता है।
  2. ऐसी हलचलें ,जिनके कारण समीपवर्ती भू – भाग नीचे बैठ जाता है तथा कोई समतल भाग ऊपर रह जाता है तथा कोई समतल भाग ऊपर रह जाता है।
  3. ज्वालामुखी (Volcano) क्रिया के समय निकले लावा के जमाव से समतल तथा ऊँचे भू -भाग का निर्माण हो जाता है।
  4. पर्वतों के निर्माण के समय किसी समीपवर्ती भाग के अधिक ऊपर न उठ पाने से पठार को उत्पत्ति हो जाती है।
  5. पर्वत निर्माणकारी शक्तियों के अधिक तीव्र न होने पर भूसन्नति के बीच वाले भाग के वलन से अप्रभावित रहने के कारण पठार की उत्पत्ति हो जाती है।
  6. वनोच्छेदन (Denudation ) के परमाणस्वरूप पर्वतों का क्षय होने पर वे पठार के रूप में परिवर्तन हो जाते है। पवन की क्रियाशीलता के कारण किसी भाग में उसके द्धारा उठा कर लाये गये पदार्थों या धूल आदि के जमाव से पठार बन जाते है। पठारों को निम्न वर्गों में बाँट सकते है।
  7. अन्तर्पर्वर्तीय पठार (Intermontane Plateau )

ऐसे पठारों का निर्माण भूगर्भ की आन्तरिक शक्तियों के परिणामस्वरूप उच्च पर्वतश्रेणियों के निर्माण के साथ ही संपन्न होता है तथा ये चारों और से पर्वतों से घिरे रहते है।

 

  1. पीडमॉन्ट या पर्वतपदीय पठार (Piedmont Plateaue ) –  उच्च पर्वतों की तलहटी में स्थित पठारों को पीडमाँट(Piedmont) ,पर्वतपदीय या गिरपद पठार (Mountain Plateau) के नाम से जाना जाता है और ये वास्तव में पर्वत तल तथा मैदान भागों अथवा पर्वतों से समुद्रों के
  2. महाद्वीपीय पठार (Continental Plateau )   –  ऐसे पठारों का निर्माण पटलविरूपणी बलों (Panoramic forces) द्धारा धरातल के किसी विस्तृत भू – भाग के ऊपर उठ जाने से होता है। कभी – कभी ज्वालामुखी लावा (Volcano Lava) के काफी बड़े क्षेत्र पर विस्तार हो जाने से भी ऐसे पठारों(Plateau) का निर्माण हो जाता है।

विश्व के प्रमुख पठार एवं उनकी स्थिति

World’s Leading Plateaus and Their Location

पामीर का पठार (Plateau of Pamir) – हिमालय(Himalay) के उत्तर एवं क्यूनलन पर्वत (Kunlan mountain) के दक्षिण में 4000 से 5000 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पठार को पामीर का पठार (Plateau of Pamir) कहा जाता है। पामीर के पठार (Plateau of Pamir) का उच्चतम बिन्दु माउण्ट कम्यूनिज्म (Mountain communism) 7495  मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। पामीर के पठार (Plateau of Pamir) को संसार की छत (RoofoftheWorld ) भी कहते है। इसे ही तिब्बत का पठार (Plateau of Tibet) भी कहाँ जाता है।

ग्रीनलैण्ड का पठार (Greenland Plateau)  – आन्ध्र महानगर (Andhra Metropolis) के उत्तरी भाग में लगभग 2175600 वर्ग किमी क्षेत्र में हिम से ढके विशाल पठार को ग्रीनलैण्ड का पठार (Greenland Plateau) कहते है।

कोलम्बिया का पठार (Columbia Plateau) – संयुक्त राज्य अमेरिका के ओरेगन(Oregon) ,वाशिंगटन तथा अयोटा (Washington and Ayota) राज्यों के मध्य 4,62500 किमी क्षेत्र में फैला हुआ क्षेत्र कोलम्बिया का पठार (Columbia Plateau) कहलाता है। यह लावा पठार(Lava Plateau) का एक उदहारण है।

बोलीविया का पठार (Bolivian Plateau)  बोलिविया (Bolivian) राज्य की एण्डीज पर्वतमाला(Andes Mountain Range) क्षेत्र में विस्तृत रूप से फैला हुआ पठार बोलीविया का पठार(Bolivian Plateau) कहलाता है। यह 800 किमी लम्बा तथा 128 किमी चौड़ा है और इसकी औसत ऊँचाई 3110 मीटर है।

मैक्सिको का पठार (Plateau of Mexico) – मैक्सिकों(Mexicans) का पत्थर पश्चिम सियारामादे (Siyaramade)  और पूर्वी सियारामादे पर्वत श्रेणियों (Eastern Siyaramade mountain ranges) के मध्य स्थित है।

अबीसीनिया का पठार (Abyssinia Plateau) पूर्वी अफ्रीका(Eastern Africa ) के इथियोपिया एवं सोमालिया (Ethiopia and Somalia) के क्षेत्र में फैला हुआ पठार अबीसीनिया का पठार (Abyssinia Plateau) कहलाता है।

अलास्का का पठार (Alaska Plateau) –  यूक्रेन(Ukrain) और उसकी सहायक नदियों(Tributaries) द्धारा निर्मित पठार अलास्का(Alaska Plateau) का पठार कहलाता है।

दक्क्न का पठार (Deccan Plateau) – दक्षिण भारत में स्थित में स्थित यह पठार तीन और से पर्वत श्रेणियों(

Mountain ranges) से घिरा हुआ है। इसके पूर्व में पूर्वी घाट पश्चिम में पश्चिमी घाट तथा उत्तर में विन्ध्याचल एवं सतपुड़ा पर्वत में (Vindhyachal and Satpura Mountains Ranges) श्रेणियाँ है।  यह लावा पठार (Lava Plateau) का उदहारण है।

अरब का पठार (Arabian Plateau) दक्षिण पश्चिम एशिया में स्थित इस पठार के पूर्व में फारस की खाड़ी (Persian Gulf) ,पश्चिम में लाल सागर(Red Sea) ,उत्तर पश्चिम में भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) दक्षिण में अरब सागर (Arabian Sea ) है।

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Posted by- Roopali Thapliyal

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