Yoga :मरीच्यासन करने के फायदे,करने का सही तरीका और सावधानी

By Pooja | Yoga | Jun 03, 2020
योग (yoga) द्वारा हमारा शरीर पुष्ट होता है। इम्यून सिस्टम तंदरुस्त होता है। आज कल कोरोना काल के चलते कम इम्यून सिस्टम(immune system) वाले प्राणियों को सर्वाधिक इसके प्रकोप झेलने को मिले है ,वैज्ञानिक भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि जिनका शरीर पुष्ट और इम्यून सिस्टम तंदरुस्त है उनको आसानी से कोरोना (corona) अपनी चपेट मे नहीं ले रहा है। योग द्वारा आत्मिक शांति भी बलवंत होती है। योग के इस अंक मे आज हम आपको एक ऐसे योग के विषय मे बताने जा रहे हैं जो आपको कोरोना (corona)से लड़ने की ताकत देगा।

मरीच्यासन करने के फायदे (Health Benefits of Marichyasana Yoga Asana)


मरीच्यासन(Marichyasana) के लाभ इस प्रकार हैं :

  1. मरीच्यासन के नियमित अभ्यास से तनाव(stress) कम होता है।

  2. मरीच्यासन के नियमित अभ्यास से महिलाओ को मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द(pain) में कमी आती है।

  3. मरीच्यासन के नियमित अभ्यास से दिमाग(mind) शांत रहता है तथा सिरदर्द नहीं होता।

  4. मरीच्यासन के नियमित अभ्यास से मांसपेशियों को मजबूत (strong)बनाकर, कमर दर्द में राहत दिलाता है।

  5. मरीच्यासन के नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी (bone) मजबूत होती है।

  6. मरीच्यासन (Marichyasana)के नियमित अभ्यास से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है।

  7. मरीच्यासन सेमाइग्रेन के मरीजों के लिए लाभदायक होता है।

  8. मरीच्यासन करने से कंधे, कमर और हैमस्ट्रिंग मजबूत (strong) बनते हैं।

  9. इस आसन को करने से किडनी और लिवर(liver) उत्तेजित होता है।

  10. मरीच्यासन के नियमित अभ्यास से भीतरी जांघों में मजबूती आती है तथा यह टोन(tone) हो जाती है।

  11. मरीच्यासन करने से शरीर का वजन (weight) संतुलित होता है। इस आसन को करने से शरीर पर अतिरिक्त चर्बी नहीं जमती।

  12. मानसिक और शारीरिक तनाव को कम करने में मरीच्यासन बहुत मददगार(helpful) साबित होता है।


मरीच्यासन करने का सही तरीका (Right way to do Marichyasana )



  1. किसी खुली जगह में जाकर दरी(Mat) बिछाएं और अपने दोनों पैरो को आगे की तरफ सीधा फैला ले और बैठ जाएं।

  2. इसको करने के बाद गर्दन और कमर(Neck and Back) को सीधा रखें और दोनों हाथों को बगल में रखें।

  3. अब अपने किसी एक पैर को घुटने(Knee) की तरफ से मोड़ें।

  4. याद रहे की आपका पैर आपके घुटने को छूना चाहिए तथा अपने दुसरे पैर को सीधा(Straight) रखें।

  5. अब आपका जो पैर सीधा है , उस ही दिशा (Direction)में अपने उपरी शरीर को झुकाएं।

  6. अब अपने हाथ को पीछे की तरफ मोड़े और पैर के घुटने(Knee) को जकड़ कर रखें।

  7. गहरी साँसे लेते रहे और बाद में सांस(Breathe) को रोककर इस स्तिथि में 20-60 सेकंड तक रहें।

  8. अब सांस छोड़े और वापिस साधारण(Normal) स्थिति में आ जाएं।

  9. यह प्रक्रिया (Process)दोनों पैरो के साथ करे।

  10. यह आसन(Aasan) का अभ्यास पांच बार कम से कम करे।



इस आसन को करते वक़्त सावधानी(Precautions)



  • यह आसन उन लोगो को नहीं करना चाहिए जिन्हे  उच्च रक्तचाप (High BP)की समस्या हो।

  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द (Pain)की परेशानी होती है , उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए।

  • कंधो (Soldiers)में चोट होने पर यह आसन न करे।

  • दस्त (Loose Motions)य दमे की समस्या हो तो यह आसन न करें।

  • शारीरिक क्षमता (Capasity)से अधिक जोर न लगाएं।

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