शीर्षासन के लाभ व् प्रक्रिया | Process and benefits of Shirshasana

योग (yoga)  हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी  होता है। योग करने से हम चुस्त और तंदरुस्त रहते हैं। आज हम आपको शीर्षासन (Shirshasana )के बारे में बताएंगे। शीर्षासन संस्कृत(sanskrit) के दो शब्द शीर्ष यानि सिर और आसान यानि मुद्रा से मिलकर बना है। शीर्षासन को अंग्रेजी (english)में हेड पोज़ (head pose)कहते हैं। इस अभ्यास को सिर नीचे और पैर ऊपर उठाकर किया जाता है।

शीर्षासन कैसे करे ? How to do Shirshasana ?

  • सर्व प्रथम किसी खुली जगह में जाकर दरी (carpet)बिछाएं।
  • दरी में बैठकर वज्रासन मुद्रा में बैठे और दोनों हाथो की उँगलियों (fingers)को आपस में फसा लें और नीचे बिछी दरी(carpet) पर रखें।
  • यह करने के बाद धीरे धीरे अपने पैरो (foot) को ऊपर की तरफ को उठाएं और बिलकुल सर के ऊपर ले आएं। यह करने के लिए आप किसी व्यक्ति या दीवार(wall) की मदद भी लें सकते हैं।
  • अपने शरीर(body) का संतुलन बनाए रखें।
  • आपको इस मुद्रा में 15 – 20 सेकंड (second)तक रहना है और गहरी साँसे लेनी है।
  • 15 से 20 सेकंड हो जाने के बाद अपनी साँसे धीरे धीरे छोड़े और अपने पैरो को जमीन (floor) पर लें आये।
  • शीर्षासन (Shirshasana) को तीन चार बार करें।

शीर्षासन करने के फायदे Benefits of Shirshasana

  • शीर्षासन (Shirshasana)सरदर्द का इलाज करने में बहुत फयदेमंद होता है।
  • शीर्षासन करने से मस्तिष्क में खून (blood)का बेहतर तरीके से प्रवाह होता है , जिसके कारण यह आसन मस्तिष्क से जुड़ी सभी बीमारियों में भी बहुत फयदेमंद साबित होता है।
  • रोजाना शीर्षासन करने से किसी चीज के लिए तनाव , भय दूर हो जाता है तथा मन (mind) में बुरे व नकारात्मक विचार नहीं आते हैं।
  • खाली पेट(stomach) शीर्षासन करने से शरीर के अलग अलग विकार दूर चले जाते हैं।
  • शीर्षासन करने से लिवर और किडनी (kidney)के रोगों को दूर करने के साथ ही नींद की समस्या को भी दूर करता है।
  • यह आसन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत (healthy)बनाने में भी सहायता करता है।

शीर्षासन करते समय सावधानियां Precautions while doing Shirshasana

  • भरे पेट , गर्भावस्था के दौरान , चक्कर आते समय शीर्षासन(Shirshasana)न करें।
  • उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, सेरेब्रल या कोरोनरी थ्रॉम्बोसिस एवं ग्लूकोमा के पीड़ित लोग (infected person)शीर्षासन न करें।
  • सिर में ब्लड हेमरेज की समस्या, किडनी का रोग और स्लिप डिस्क से पीड़ित व्यक्ति (person) शीर्षासन करने से बचें।
  • अंतिम मुद्रा में शरीर को उर्ध्वाधर रखें और पीछे या आगे(front) की तरफ न झुकाएं।

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